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गुरु ही भविष्य के निर्माता हैं और विद्यार्थी राष्ट्र के भावी कर्णधार" - एसपी सूरज सिंह परिहार ने शिक्षा, संस्कार एवं राष्ट्र निर्माण का दिया प्रेरक संदेश शिक्षा को मिला तकनीक और ज्ञान का संबल-एसपी धमतरी ने स्मार्ट बोर्ड (टीवी पैनल) का किया शुभारंभ एवं विद्यालय के पुस्तकालय के लिए 11,000/-रूपये की उत्कृष्ट पुस्तकों की योगदान देने की घोषणा स्वामी आत्मानंद शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला, सिंगपुर में आयोजित शाला प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक धमतरी सूरज सिंह परिहार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं पालकों को संबोधित करते हुए शिक्षा, संस्कार, गुरु-शिष्य परंपरा,राष्ट्र निर्माण एवं आधुनिक शिक्षा व्यवस्था पर प्रेरणादायी उद्बोधन दिया। अपने प्रेरक उद्बोधन में पुलिस अधीक्षक धमतरी सूरज सिंह परिहार ने कहा कि आज के विद्यार्थी ही विकसित भारत के भविष्य तथा राष्ट्र के वास्तविक कर्णधार हैं। यदि उन्हें प्रारंभिक अवस्था से ही उत्तम संस्कार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुशासन एवं सही मार्गदर्शन प्राप्त हो, तो वे न केवल आदर्श नागरिक बनेंगे, बल्कि समाज और राष्ट्र के सर्वांगीण विकास में भी महत्वपूर्ण एवं सकारात्मक भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि गुरु का स्थान मानव जीवन में सर्वोच्च एवं वंदनीय है। जिस प्रकार सम्पूर्ण सृष्टि गुरुत्वाकर्षण के सिद्धांत पर संतुलित एवं संचालित होती है, उसी प्रकार प्रत्येक विद्यार्थी का व्यक्तित्व, चरित्र और भविष्य उसके गुरु के ज्ञान, मार्गदर्शन एवं संस्कारों पर आधारित होता है। इसलिए प्रत्येक विद्यार्थी का परम कर्तव्य है कि वह अपने गुरुजनों का सम्मान करे, उनके आदर्शों का अनुसरण करे तथा उनके मार्गदर्शन में जीवन के उच्चतम लक्ष्यों को प्राप्त करने का सतत प्रयास करे।
विद्यार्थियों से संवाद करते हुए उन्होंने उनसे उनके जीवन के लक्ष्य पूछे। इस दौरान कई विद्यार्थियों ने प्रशासनिक अधिकारी, चिकित्सक, शिक्षक, इंजीनियर एवं पुलिस अधिकारी बनने की इच्छा व्यक्त की।
एसपी ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि इन्हीं बच्चों में भविष्य के आईएएस, आईपीएस, डॉक्टर, इंजीनियर, शिक्षक और उत्कृष्ट अधिकारी तैयार होंगे। इन युवाओं को सही दिशा देना ही राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधीक्षक ने उपस्थित शिक्षकों एवं श्रोताओं से भारतीय संस्कृति से जुड़ा प्रेरक प्रश्न पूछा कि ऋण कितने प्रकार के होते हैं सही उत्तर देने वाले को मंच से सम्मानित करने की घोषणा की। इस पर ग्राम अंजोरा की गायत्री सिन्हा ने आत्मविश्वास के साथ उत्तर देते हुए देव ऋण, मातृ-पितृ ऋण एवं गुरु/ऋषि ऋण का उल्लेख किया। उनके सही उत्तर से प्रभावित होकर पुलिस अधीक्षक ने उन्हें मंच पर पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया तथा कहा कि ग्रामीण क्षेत्र की बेटियों का यह आत्मविश्वास पूरे समाज के लिए प्रेरणादायी है।उन्होंने आगे कहा कि समय की आवश्यकता को देखते हुए एक चौथा ऋण राष्ट्र ऋण भी है, जिसे प्रत्येक नागरिक को अपने कर्तव्यों, ईमानदारी, अनुशासन और राष्ट्रसेवा के माध्यम से चुकाना चाहिए। जिस दिन प्रत्येक नागरिक राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करेगा, उस दिन भारत को विश्व की महाशक्ति बनने से कोई नहीं रोक सकेगा। उन्होंने कहा कि हमें वाद-विवाद नहीं, बल्कि संवाद की संस्कृति को अपनाना चाहिए, क्योंकि संवाद ही समाज और राष्ट्र को आगे बढ़ाने का सबसे प्रभावी माध्यम है।अपने उद्बोधन में पुलिस अधीक्षक ने सामाजिक कार्यकर्ता खेमन बाई के समाजसेवा एवं शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे निरंतर योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उनका व्यक्तित्व अत्यंत प्रेरणादायी है। उन्होंने कहा कि ऐसे समाजसेवियों के सहयोग से शिक्षा और सामाजिक जागरूकता को नई दिशा मिलती है। उन्होंने खेमन बाई को अपने कार्यालय आमंत्रित कर सम्मानित करने की भी घोषणा की।
शिक्षा में आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने की दिशा में पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार ने विद्यालय परिसर में स्थापित स्मार्ट बोर्ड (टीवी पैनल) का विधिवत उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि डिजिटल शिक्षा वर्तमान समय की आवश्यकता है तथा स्मार्ट कक्षाओं के माध्यम से विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण, रोचक एवं तकनीक आधारित शिक्षा प्राप्त होगी, जिससे उनकी ज्ञानवर्धन क्षमता एवं प्रतिस्पर्धात्मक कौशल में वृद्धि होगी।
शिक्षा के महत्व पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि "विद्या दान सबसे बड़ा दान है।" विद्यालय के प्राचार्य डॉ. वी.पी. चंद्रा के शिक्षा के प्रति समर्पण एवं विद्यालय के उत्कृष्ट प्रयासों से प्रभावित होकर उन्होंने विद्यालय के पुस्तकालय हेतु 11,000/- रूपये मूल्य की उत्कृष्ट पुस्तकों का दान देने की घोषणा की।कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट एवं प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को उनकी उल्लेखनीय उपलब्धियों एवं उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
उक्त शाला प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में संयुक्त कलेक्टर डॉ. कल्पना ध्रुव, विद्यालय के प्राचार्य डॉ. वी.पी. चंद्रा, सरपंच लोमेश्वर साहू, थाना प्रभारी मगरलोड प्रमोद अमलतास, विद्या भारती के पदाधिकारी विवेक सक्सेना एवं लक्ष्मणराव, शिक्षकगण, पालकगण, ग्राम संगठन की महिलाएं तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
