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धमतरी। नगर निगम धमतरी के स्वास्थ्य विभाग के सभापति नीलेश लुनिया ने शहरवासियों से बरसात के मौसम को देखते हुए स्वच्छता बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बारिश शुरू होने से पहले यदि प्रत्येक नागरिक अपने घर, मोहल्ले और आसपास के क्षेत्र की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दे, तो जलभराव, गंदगी और मौसमी बीमारियों से काफी हद तक बचा जा सकता है।उन्होंने कहा कि अक्सर देखने में आता है कि लोग प्लास्टिक की थैलियां, बोतलें, डिस्पोजल सामग्री एवं अन्य कचरा नालियों में फेंक देते हैं। इससे नालियां जाम हो जाती हैं और बारिश के दौरान पानी की निकासी बाधित होने लगती है। परिणामस्वरूप सड़कों और गलियों में जलभराव की स्थिति बनती है, जिससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ता है और डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया सहित कई संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।स्वास्थ्य विभाग सभापति नीलेश लुनिया ने नागरिकों से आग्रह किया कि किसी भी स्थिति में नालियों में प्लास्टिक अथवा अन्य ठोस कचरा न डालें। घरों से निकलने वाले कचरे को निर्धारित डस्टबिन में ही डालें और नगर निगम के सफाई कर्मचारियों का सहयोग करें।उन्होंने कहा कि प्रत्येक परिवार को गीले एवं सूखे कचरे को अलग-अलग डिब्बों में एकत्रित करने की आदत विकसित करनी चाहिए। गीले कचरे में रसोई से निकलने वाला जैविक कचरा तथा सूखे कचरे में प्लास्टिक, कागज, कांच, धातु आदि को अलग रखने से कचरे का वैज्ञानिक प्रबंधन आसान होता है और शहर को स्वच्छ बनाए रखने में मदद मिलती है।उन्होंने नागरिकों से यह भी अपील की कि अपने घरों के आसपास पानी जमा न होने दें, कूलर, गमले, टायर और अन्य पात्रों में ठहरा हुआ पानी समय-समय पर खाली करें, ताकि मच्छरों के पनपने की संभावना समाप्त हो सके। स्वच्छ वातावरण ही स्वस्थ समाज की सबसे बड़ी पहचान है।नीलेश लुनिया ने कहा कि स्वच्छ शहर केवल नगर निगम के प्रयासों से नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सहभागिता से बनता है। यदि हम सभी अपनी जिम्मेदारी निभाएं तो धमतरी को स्वच्छ, सुंदर और रोगमुक्त शहर बनाया जा सकता है।उन्होंने शहरवासियों से अपील करते हुए कहा कि बरसात के मौसम में छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर बड़े खतरे से बचा जा सकता है। सभी नागरिक स्वच्छता के प्रति जागरूक बनें, नगर निगम का सहयोग करें तथा अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी स्वच्छता के लिए प्रेरित करें। स्वच्छ धमतरी, स्वस्थ धमतरी के संकल्प को साकार करने में प्रत्येक नागरिक की भागीदारी आवश्यक है।
