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ग्राम बंजारी में गुरु बाबा घासीदास जयंती पर हुआ भव्य आयोजन, रंजना साहू रहीं मुख्य अतिथि
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धमतरी- ग्राम बंजारी में 18 दिसम्बर को संत शिरोमणि गुरु बाबा घासीदास जी की जयंती के पावन अवसर पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस गरिमामयी कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं धमतरी की पूर्व विधायक रंजना डीपेंद्र साहू उपस्थित रही। कार्यक्रम की शुरुआत परंपरागत रूप से जैतखाम की विधिवत पूजा-अर्चना के साथ की गई इसके पश्चात साहू ने संत गुरु घासीदास बाबा जी के तैलचित्र पर माल्यार्पण कर सादर प्रणाम किया। जयंती के अवसर पर सतनाम समाज द्वारा पारंपरिक पंथी नृत्य का सुंदर कार्यक्रम आयोजित किया गया था जिसको देखकर उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम में गुरु घासीदास बाबा जी की महान विचारधारा “मनखे-मनखे एक समान” को स्मरण करते हुए सामाजिक समरसता, समानता और मानवता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया। मुख्य अतिथि रंजना साहू ने कहा कि संत गुरु घासीदास बाबा जी सामाजिक क्रांति के अग्रदूत थे, उन्होंने समाज को जाति-पाति, ऊंच-नीच से ऊपर उठकर मानव-मानव की समानता का संदेश दिया, "मनखे-मनखे एक समान" की विचारधारा आज भी उतनी ही प्रासंगिक है, जितनी उस समय थी। साहू ने आगे कहा कि बाबा जी के बताए मार्ग पर चलकर ही एक समतामूलक, सशक्त और संगठित समाज का निर्माण किया जा सकता है। उन्होंने युवाओं से शिक्षा, संस्कार और सामाजिक एकता को अपनाने की अपील करते हुए कहा कि गुरु घासीदास बाबा जी के आदर्श हमारे जीवन को सही दिशा देने का कार्य करते हैं।जिला पंचायत सदस्य मोनिका देवांगन जी ने अपने संबोधन में कहा कि गुरु बाबा घासीदास का जीवन त्याग, तपस्या और मानव कल्याण को समर्पित रहा, उन्होंने समाज को अंधविश्वास से दूर रहकर सत्य, अहिंसा और समानता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। देवांगन ने कहा कि ऐसे आयोजनों से हमारी सांस्कृतिक विरासत मजबूत होती है और नई पीढ़ी को अपने महापुरुषों के विचारों को जानने का अवसर मिलता है। इस कार्यक्रम में जनपद सदस्य गीतेश्वरी साहू दर्री सरपंच हिमांशु साहू, निरंजन साहू, ग्राम बंजारी सतनामी समाज अध्यक्ष धरमदास महिलांगे, कोषाध्यक्ष अशोक खुटे, सचिव कालीचरण सिमोर, ग्रामीण वरिष्ठ अगर सिंह ध्रुव, चंद्र प्रकाश साहू, उदय राम महिलांगे, गणेशु बांधे सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी, सतनाम समाज के पदाधिकारी एवं श्रद्धालुजन उपस्थित रहे। सभी ने गुरु घासीदास बाबा जी के विचारों को आत्मसात करने और समाज में प्रेम, भाईचारा व समानता बनाए रखने का संकल्प लिया।


